Ranchi: बोकारो स्थित वेदांता इलेक्ट्रोस्टील में कार्यरत एक कर्मचारी विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ मारपीट व जानलेवा हमले के आरोप में बोकारो सियालजोरी थाना, एसपी, डीसी, श्रम आयुक्त से शिकायत की गई है. तेलंगना निवासी पीड़ित युवक के पिता एम श्रीनिवास रेड्डी ने अपने शिकायत में बताया है कि उनका बेटा विष्णु वर्धन रेड्डी दो साल से वेदांता में एचआर विभाग में कार्यरत है. कुछ दिन पहले कंपनी के सीईओ रवीश शर्मा, कामर्शियल हेड आनंद विजेता व सीएफओ आनंद दुबे ने विष्णु पर एक ठेकेदार से पैसे मांगने का झूठा आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें यह भी दावा किया गया कि वॉइस रिकॉर्डिंग में आवाज बदलकर जाली मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया गया था. पिता का कहना है कि उनका बेटा बेहद ईमानदार है और ऐसे किसी भी आचरण में शामिल नहीं हो सकता.
शिकायत के अनुसार, विष्णु वर्धन रेड्डी को बिना किसी ठोस सबूत व कारण के निलंबित कर दिया गया और उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. बेटे ने कई बार यह निवेदन किया कि उस पर किसी गलत बात को स्वीकार करने के लिए जबरदस्ती दबाव न डाला जाए. पिता के मुताबिक, रवीश शर्मा ने सुरक्षा गार्ड वेद प्रकाश के माध्यम से उनके बेटे को ऑफिस के केबिन में बुलाया. वहां विष्णु का मोबाइल व लैपटॉप छीन लिया गया. इसके बाद, रविश शर्मा, आनंद दुबे, आनंद विजेता, योगेश्वर प्रसाद वर्मा, हर्ष आहुजा व मो. आसातुल्ला ने मिलकर विष्णु के साथ मारपीट की. उस पर झूठे आरोपों को स्वीकार करने का दबाव बनाया गया. विष्णु किसी तरह वहां से बचकर श्यामली मिंज मैडम के केबिन में गया. लेकिन रवीश शर्मा ने वहां भी पहुंचकर मैडम को बीच में न आने को कहा और विष्णु को पकड़कर सुरक्षा गार्ड वेद प्रकाश को सौंप दिया.

खिड़की से कूदकर बचाया जान

वेद प्रकाश ने दूसरे कमरे में बंद कर दिया और सभी कहे की मार कर फेंक देगे. नहीं तो अपने आप आत्महत्या कर लो. बेटे को कमरे में बंद कर जान से मारने का योजना बनाया जा रहा था. इसी बीच वेद प्रकाश कमरे में घुसकर बेटा के साथ को मारपीट करने लगा. जान बचाने के लिए खिड़की से कुद गया. जिससे दोनों पैर व घुटना टूट गया. कोई उठाने जाता था तो मना कर देता था. सीएमओ को किसी ने जानकारी दिया तो वे आकर मेरा बेटा को ईलाज के लिये मेडीकेन्ट अस्पताल लोहंचल में लाकर भर्ती कराया. तब से अभी तक अस्पताल में ईलाज चल रहा. मेरा बेटा का ईलाज आईसीयू में चल रहा था तभी रात्री करीब 10:00 बजे रविश शर्मा और आनन्द विजेता ने एक व्यक्ति को भेजा. जो बोल रहा था अभी भी तुम कागज पर हस्त्ताक्षर कर दो, तो छोड़ देगे पर मेरा बेटा नहीं किया. मेरा बेटा का जान मारने का प्रयास किया गया. उनलोगों के भय एवं दबाव से काफी डर गया तो जान बचाना चाहा परंतु अपाहिस हो गया. मेरा बेटा मुझे दुसरे के फोन से सूचना दिया तो मैं आया तो सारी घटना की जानकारी दी. मेरा बेटा का ईलाज चल रहा है. पीड़ित के पिता ने न्याय का गुहार लगाया है.

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