Patna: सात निश्‍चय-3 के तहत राज्‍य में गन्‍ना आधारित उद्योगों की स्‍थापना और गन्‍ना विकास एवं विस्‍तार के लिए सोमवार को एग्‍जीविशन रोड स्थित एक निजी होटल में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर समारोह का आयोजन किया गया. गन्‍ना उद्योग मंत्री संजय कुमार की अध्‍यक्षता में आयोजित इस समारोह में संयुक्‍त ईखायुक्‍त जयप्रकाश नारायण सिंह और एनएफसीएसएफ के प्रबंध निदेशक प्रकाश नायकनावरे ने समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए.

इस अवसर पर गन्‍ना उद्योग मंत्री ने कहा कि यह अवसर बिहार के गन्ना एवं चीनी उद्योग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. मैं इस एमओयू हस्ताक्षर समारोह में उपस्थित सभी अधिकारियों, विभिन्न चीनी मिल प्रबंधको और सभी उपस्थित लोगों को स्‍वागत करता हूं. यह समझौता गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार एवं राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि० (एनएफसीएसएफ), नई दिल्ली के बीच राज्य में गन्ना विकास, क्षेत्र विस्तार एवं चीनी उद्योग के पुनर्जीवन के उद्देश्य से किया जा रहा है. यह केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि बिहार के किसानों, उद्योग और समग्र अर्थव्यवस्था के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है. हम सभी जानते हैं कि बिहार में गन्ना क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अभी भी हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे गन्ने की कम उत्पादकता, बंद पड़ी चीनी मिलें, तथा आधुनिक तकनीकों का सीमित उपयोग. इन चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए यह एमओयू एक ठोस कदम है.

बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार संकल्पित

सात निश्चय-3 के अंतर्गत समृद्ध उद्योग सशक्त बिहार के तहत राज्य की कई बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने एवं नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए बिहार सरकार संकल्पित है एवं इस दिशा में तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है. इस साझेदारी के माध्यम से हम मिशन शूगरकेन बिहार को प्रभावी रूप से लागू कर सकेंगें. हमारा लक्ष्य है कि राज्य में क्षेत्र विस्तार के साथ गन्ने का उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि लायी जाय ताकि वर्तमान एवं नये चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सके.

एनएफसीएसएफ नई दिल्ली के तकनीकी सहयोग से विभाग को उन्नत गन्ना किस्मों की उपलब्धता एवं प्रचार-प्रसार, आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाना, सिंचाई, पोषण एवं कीट प्रबंधन में सुधार, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों को गन्ना के क्षेत्र में शामिल कर योजना के कार्यान्वयन एवं राज्य में गन्ना के विकास में सहायता मिलेगा. इस पहल से न केवल गन्ना उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी. साथ ही बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार और नई मिलों की स्थापना को भी गति मिलेगी. हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि बिहार को गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना, किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना, और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाना है. मैं एनएफसीएसएफ के अध्यक्ष महोदय एवं प्रबंध निदेशक का विशेष रूप से धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने अपने अनुभव और विशेषज्ञता के साथ इस महत्वपूर्ण पहल में भागीदारी सुनिश्चित की है. मैं आशा करता हूँ कि यह एमओयू धरातल पर प्रभावी रूप से लागू होगा और आने वाले समय में बिहार के गन्ना क्षेत्र में एक नई क्रांति लाएगा.

अपर मुख्‍य सचिव के. सेंथिल कुमार ने कहा कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में नई सरकार बनने के साथ ही सरकार ने बंद मिलों को खोलने के साथ ही 25 नई चीनी मिले स्‍थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है. चीनी मिलों के लिए गन्‍ना जरूरी है. इसके लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं. इस वर्ष सकरी और रैयाम चीनी मिलों के निर्माण कार्य के शुभारंभ की प्रक्रिया में सरकार तत्पर है.

वहीं एनएफसीएसएफ के अध्‍यक्ष हर्षबर्धन पाटिल ने कहा कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का जो सपना है उसको पूरा करने के लिए गन्‍ना उद्योग विभाग कार्य कर रहा है. सकरी और रैयाम चीनी मिल का डीपीआर बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है. बिहार में चीनी मिलों को पर्याप्‍त मात्रा में गन्‍ना उपलब्‍ध हो इसके लिए उत्‍पादन बढ़ाना होगा. इसमें एआई का उपयोग बढ़ाया जाएगा। सभी कार्य किसानों के हितों को देखते हुए किया जाएगा. जो सहयोग लगेगा उसे संघ के द्वारा किया जाएगा. संबोधन करने वालों में NFCSF के श्री चेतन भाई पटेल एवं मुख्य गन्ना सलाहकार आर.बी. डॉले रहे. सिधवलिया चीनी मिल के जीएम वी.सी. त्यागी और हसनपुर चीनी मिल के जीएम अशोक मित्तल, बगहा चीनी मिल के जीएम बी.एन. त्रिपाठी सहित अन्‍य चीनी मिलों के ईख प्रबंधक सहित अन्‍य विभागीय अधिकारी मौजूद थे. स्‍वागत भाषण संयुक्‍त ईखायुक्‍त जेपीएन सिंह और मंच संचालन सहायक ईखायुक्‍त वेदव्रत कुमार ने किया.

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