Patna: बिहार सरकार लगातार जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रदेशवासियों को बड़ी सौगातें दे रही है. इसी कड़ी में इस बार केवल सितंबर माह में तीन महत्वपूर्ण भवनों का उद्घाटन किया जाएगा. ये तीन प्रमुख तोहफे  ‘डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी’, ‘राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) मुख्यालय’ और ‘बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय’ के नए भवन हैं. इन तीन प्रमुख परियोजनाओं के उद्घाटन से न केवल बिहार में शिक्षा, आपदा प्रबंधन और विज्ञान क्षेत्र में नए आयाम जुड़ेंगे, बल्कि राज्य की आधुनिकता और समग्र विकास को भी बल मिलेगा. सरकार ने सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं. जल्द ही ये तोहफे बिहारवासियों को सौंपे जाएंगे.

एसडीआरएफ मुख्यालय का समृद्ध विकास

बिहटा के दिलावरपुर में 25 एकड़ भूमि पर 287.52 करोड़ रुपये की लागत से एसडीआरएफ मुख्यालय का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इसमें प्रशासनिक भवन, क्वार्टर मास्टर स्टोर, ट्रेनिंग ब्लॉक, हेड कॉन्स्टेबल व डिप्टी कमांडेंट आवास सहित कई अन्य भवन शामिल हैं. राज्य आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में दक्षता बढ़ाने के लिए परिसर में एक राष्ट्रीय स्तर का आधुनिक स्विमिंग पूल भी निर्मित किया जा रहा है. प्रशिक्षकों और जवानों के लिए अत्याधुनिक आवासीय व प्रशिक्षण सुविधाएं तैयार की गई हैं. भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि शेष भवन निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कर उद्घाटन की योजना बनाई गई है.

बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का आधुनिक स्वरूप

विभाग की ओर से बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का भी निर्माण कराया जा रहा है. विश्वविद्यालय परिसर में डेयरी इंजीनियरिंग भवन, प्रशासनिक ब्लॉक, पशु प्रयोगशाला, फीड विश्लेषण लैब, यूजी/पीजी हॉस्टल, कुलपति आवास सहित कुल 14 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है. इसके निर्माण में ग्रीन बिल्डिंग फीचर्स का विशेष ध्यान रखा गया है. छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक हॉस्टल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं. इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय में 1200 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम भी बन रहा है.

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी का निर्माण

मोइन-उल-हक स्टेडियम के समीप 20.5 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा यह साइंस सिटी राज्य में विज्ञान शिक्षा व जनजागरूकता को बढ़ावा देगा. बी ए साइंटिस्ट्स गैलरी और बेसिक साइंस गैलरी में पहले चरण में 47 विज्ञान प्रदर्श स्थापित किए जा चुके हैं. कुल पांच गैलरियों में 269 विज्ञान प्रदर्श स्थापित किए जाएंगे. यह सुविधा विज्ञान के प्रति युवा पीढ़ी में रुचि जगाने के साथ-साथ शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगी.

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