Patna: विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदाताओं ने रिकार्ड 64.66 प्रतिशत वोटिग कर इतिहास रच दिया है. इससे पहले 2000 में सबसे अधिक 62.57 फीसदी मतदान हुआ था. पहले चरण में 122 महिला प्रत्याशी समेत 1314 प्रत्याशी के भाग्य का फैसला होना है. निर्वाचन आयोग ने गुरुवार शाम को बयान जारी कर बताया बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण आज उत्सवी माहौल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें बिहार के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक 64.66% मतदान हुआ. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से मतदान पर कड़ी नजर रखी, जिसे बिहार में पहली बार 100% मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित किया गया है. राज्य के 18 जिलों के 121 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ, जिनमें मतदाताओं की संख्या 3.75 करोड़ से अधिक है. पीठासीन अधिकारियों ने मतदान समाप्ति के समय मतदान केन्द्र छोड़ने से पहले निर्वाचन आयोग के नवीनतम निर्देशों के अनुसार मतदाता मतदान के आंकड़ों को अपडेट किया. जिसके परिणामस्वरूप अनुमानित मतदाता मतदान के रुझान को अपडेट करने में न्यूनतम विलंब हुआ. मतदाता मतदान के आंकड़े गुरुवार शाम 8.15 बजे तक के हैं. और 1,570 पीठासीन अधिकारियों को अभी भी ईसीआईनेट पर आंकड़े अपडेट करने हैं.
पहली बार 6 देशो के 16 प्रतिनिधियों ने देखा चुनाव
बिहार में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) के तहत प्रतिनिधियों ने चुनाव देखा. प्रतिनिधियों में दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, बेल्जियम और कोलंबिया जैसे छह देशों के 16 प्रतिनिधियों ने चुनाव प्रक्रिया देखी. प्रतिनिधियों ने बिहार चुनावों की सराहना करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे सुव्यवस्थित, पारदर्शी, कुशल और सहभागी चुनावों में से एक है.
महिलाओं की पहचान के लिए 90 हजार से अधिक जीविका दीदी की तैनाती
चुनाव आयोग ने पर्दानशीन महिलाओं की पहचान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर एक सीएपीएफ कर्मी के साथ 90,000 से अधिक जीविका दीदी, महिला स्वयंसेवकों को तैनात किया था. सभी मतदान केंद्रों पर दिव्यांग मतदाताओं की सहायता के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं और स्वयंसेवकों को टैग किया गया. दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुँचने में सहायता के लिए ई-रिक्शा की सुविधा भी प्रदान की गई. मतदाता-हितैषी कई नई पहलों के तहत, मतदाता ईवीएम मतपत्रों पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें देखकर बहुत खुश हुए. अन्य नई पहलों में मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा, आसानी से पढ़ने के लिए नए डिज़ाइन की गई मतदाता सूचना पर्चियाँ (वीआईएस) और भीड़भाड़ कम करने के लिए प्रति मतदान केंद्र 1,200 मतदाताओं तक की सुविधा शामिल थी.

