Ranchi: धनबाद से देश विरोधी गतिविधि के साथ हथियार का कारोबार चल रहा था. एटीएस को जब इसकी भनक लगी तो शनिवार को एक दर्जन से अधिक ठिकाने पर दबिश दी. एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े एक महिला समेत चार लोगो को गिरफ्तार किया है. प्रतिबंधित होने के बाद यह देश का पहला आपराधिक मामला है. गिरफ्तार आरोपी में बैंकमोड़ थाना क्षेत्र के अलीनगर के रहने वाले गुलफाम हसन, पिता- फैयाज हुसैन, भूली ओपी क्षेत्र के अमन सोसाईटी निवासी आयान जावेद, पिता-जावेद आलम, मो शहजाद आलम, पिता- मो० मिनहाज आलम और शमशेर नगर गली नं0-03 निवासी
शबनम प्रवीण का नाम शामिल है. आरोपी के ठिकाने से दो पिस्टल, 12 गोली, मोबाईल , लेपटॉप समेत अन्य इलेक्ट्रोनिक्स डिवाईस, भारी मात्रा में प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित दस्तावेज, पुस्तक बरामद किया गया है. एटीएस के अनुसार गुप्त सूचना मिली कि इस्लामी कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-ताहिर, अलकायदा, आईएसआईएस एवं अन्य प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े कुछ व्यक्ति राज्य के अन्य युवकों को अपने नेटवर्क से जोड़कर सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों के द्वारा गुमराह कर रहे हैं. साथ ही धार्मिक कट्टरता को बढावा देते हुए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं. सूचना पर जब मामले की जांच की गई तो पता चला कि इन संगठनों से संबंधित व्यक्तियों द्वारा धनबाद जिला में अवैध आर्म्स का व्यापार एवं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है. इसके बाद धनबाद जिला में संदिग्ध जगहों की एटीएस को कई टीम छापामारी कर चारो को गिरफ्तार किया गया. इस संबंध में रांची स्थित एटीएस थाना में मामला दर्ज किया गया है. एटीएस मामले की जांच में जुट गई है.
आईएसआईएस में लोगो को जोड़ने के आरोप में गृह मंत्रालय ने इस्लामी कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-ताहिर पर लगाया था प्रतिबंध
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिज्ब-उत-ताहिर पर विधि-विरूद्ध क्रिया कलाप निवारण (UAPA) अधिनियम-1967 के तहत 10 अक्टूबर 2024 को प्रतिबंधित लगा दिया था. 1953 में यरूशलम में बने वैश्विक इस्लामी कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-ताहिर (HuT) को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था. आतंकवादी गतिविधियों में शामिल संगठन देश के भोले-भाले नागरिकों को जिहाद की आड़ लेकर उन्हें आईएसआईएस में शामिल करने के लिए उकसाता था. यह संगठन आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का भी काम करता था. देश में कई आतंकवादी गतिविधियों में इसका हाथ रहा है.
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में यह बताया गया कि यह संगठन विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल करते हुए मासूम नौजवानों को आतंकवाद में शामिल होने के लिए उकसा रहा है. यह संगठन देश में अशांति फैलाना चाहता है. केंद्र सरकार का यह भी मानना है कि यह संगठन भारत में आतंकवाद के कई कार्यों में शामिल रहा है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने संगठन के गिरफ्तार प्रमुख आरोपी के घर छापेमारी में चेन्नई स्थित गिरफ्तार आरोपी फैजुल रहमान के घर पर तलाशी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किया गया था. इस संगठन की देशविरोधी विचारधारा को फैलाने के लिए गुप्त बैठकें भी की जा रही थीं. अलगाववादी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए पूरे तमिलनाडु में कई अभियान चलाए थे. इसके माध्यम से यह देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ कार्रवाई करके लोगों को विभाजित करने का प्रयास कर रहे थे.
