Ranchi: रांची के कांके थाना पुलिस ने विशेष शाखा के दरोगा अनुपम हत्याकांड का खुलासा करते हुए पांच अपराधी को गिरफ्तार किया है. 2 अगस्त की रात डीजल चोरी करने वाले गैंग के अपराधियों ने भंडाफोड़ होने की आशंका पर गोली मारी थी. दरोगा कांके से बीआईटी के तरफ अपनी बाइक से जा रहा था. इसी क्रम में चोरी करते देख रूक चोर-चोर की आवाज लगाने लगे. इस दौरान अपराधियो के साथ विवाद हो गया. अपराधियो को डीजल चोरी गैंग का भंडाफोड़ होने की आशंका होने लगी तो डीजल चोरी गिरोह के संजय सिंह, भोला सिंह एवं राजेश महतो उर्फ बिनोद तीनों ने मिलकर अनुपम को पकड़ लिया. और तीनों अपने-अपने हथियार को अनुपम कच्छप के शरीर में सटाकर 4 गोली मारा जिससे मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद पिकअप वैन में सवार हो रिंग रोड में बीआईटी नेवरी की तरफ फरार हो गया. गिरफ्तार आरोपी में मूलरूप से रामगढ़ जिले के वर्तमान में रांची के रातू थाना क्षेत्र के झकराटांड में रहने वाले मनोहर कुमार सिंह उर्फ भोला सिंह, मूलरूप से लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र के सलगी के वर्तमान में गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित बमभनी निवासी संजय सिंह, मूलरूप से बिहार के बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के पवई के वर्तमान में रांची के रातू थाना क्षेत्र स्थित तितला के रहने वाले गौतम यादव, पलामू जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र स्थित चापी निवासी सुग्रीव सिंह और रांची के कांके थाना क्षेत्र के मुरली टोंगरी निवासी अभिषेक महतो का नाम शामिल है. आरोपी के निशानदेही पर 4 मोबाईल, 7.65 बोर का एक पिस्टल, दो गोली और बोलेरो पिकअप (JH01CF3396) पुलिस ने बरामद किया है. संजय सिंह पर लोहरदगा के कुडू थाना, गुमला के बसिया थाना में पूर्व से मामला दर्ज है. वही मनोहर सिंह उर्फ भोला सिंह पर रामगढ़ थाना और रांची के कांके थाना में मामला दर्ज है.
भागने के दौरान अपराधी नेवरी में खड़े ट्रक से 4 गैलन डीजल चोरी कर सुकुरहुटू में अभिषेक महतो के दुकान में बेचा
दरोगा की हत्या के बाद भागने के क्रम में अपराधी भाग गये. इसी क्रम में नेवरी में खड़े ट्रक से 4 गैलन डीजल चोरी किया. जिसे सुकुरहुटू रिंग रोड के पास अभिषेक महतो के दुकान में बेच दिया. उसके बाद इनलोगों को जानकारी मिली कि बीते रात्रि में इनलोगों के द्वारा गोली मार कर जिस व्यक्ति की हत्या की गई थी, वह एक पुलिस पदाधिकारी है. पुलिस की बढ़ती दबिश के चलते गिरोह के लोग जहां तहां छिप गये. इसी बीच 10 नवम्बर को पुलिस को अहम सुराग मिलने पर संजय सिंह एवं सुग्रीम सिंह को पकड़ा गया. दोनों के निशानदेही में इस घटना में संलिप्त अन्य तीन अपराधियो को पकड़ा गया.
