Patna: कोइलवर स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान परिसर में अर्बन फॉरेस्ट विकसित करने की दिशा में तैयारी तेज हो गई है. वन विभाग की ओर से इस परियोजना को मियावाकी तकनीक के तहत विकसित किया जाएगा, जिसमें कम समय में घना और प्राकृतिक जंगल तैयार किया जाता है. परियोजना के तहत लगभग 10 से 12 एकड़ क्षेत्र में पौधारोपण किया जाएगा. इसके लिए खाली पड़ी जमीनों की पहचान कर मैपिंग पूरी कर ली गई है. ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया है जहां वर्तमान में कोई निर्माण नहीं है और भविष्य में भी निर्माण की संभावना नहीं है.
वन विभाग की ओर से प्रारंभिक कार्य के तहत 500 बांस के गैबियन लगाए जा चुके हैं. वहीं, मानसून सीजन में पौधारोपण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. विभागीय योजना के अनुसार जून-जुलाई में पौधे लगाए जाएंगे और अक्टूबर-नवंबर तक अर्बन फॉरेस्ट बनकर तैयार हो जाएगा.
करीब 5000 बांस के गैबियन लगाए जाने की योजना
डीएफओ प्रद्युमन गौरव ने बताया कि चिन्हित क्षेत्र में ब्लॉक प्लांटेशन किया जाएगा. इसके अलावा परिसर और सड़कों के किनारे के खाली स्थानों पर भी पौधारोपण किया जाएगा, जहां करीब 5000 बांस के गैबियन लगाए जाने की योजना है.
इस अर्बन फॉरेस्ट में विभिन्न प्रजातियों के पौधों को शामिल किया जाएगा, ताकि जैव विविधता को बढ़ावा मिल सके. छायादार वृक्षों में बांस, शीशम, पीपल और बरगद के साथ-साथ गुलमोहर और जामुन जैसे पौधे लगाए जाएंगे. साथ ही औषधीय पौधों का भी रोपण किया जाएगा.
क्या है मियावाकी तकनीक
वन विभाग के अनुसार मियावाकी तकनीक एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें पौधों को घनी पद्धति से लगाया जाता है, जिससे वे तेजी से बढ़ते हुए प्राकृतिक जंगल का रूप ले लेते हैं. फिलहाल सरकार को मियावाकी पद्धति से पौधारोपण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है. स्वीकृति मिलने के बाद व्यापक स्तर पर पौधारोपण का कार्य शुरू किया जाएगा.
