Saharsa: सहरसा के सिमराहा चौक पर गोलीकांड में शामिल एक आरोपी को पुलिस गिरफ्तार किया है. आरोपी पारिवारिक विवाद में हस्तक्षेप से नाराज था, इस वजह से गोलीकांड में शामिल था. गिरफ्तार आरोपी राजीव कुमार उर्फ बउआ ठाकुर सिमराहा वार्ड नं-04 का रहने वाला है. राजीव कुमार का अपनी पत्नी के साथ लगातार विवाद रहता था. जिसमें मृतक के पिता अनुज कुमार निराला द्वारा इनकी पत्नी का रिशतेदार होने के कारण लगातार हस्ताक्षेप किया जाता था. राजीव कुमार द्वारा अपने स्वीकृति बयान में बताया गया कि अनुज कुमार द्वारा इनके परिवार के मामले लगातार हस्ताक्षेप से आक्रोशित होकर राजीव अपने भाई रंजन ठाकुर के साथ मिलकर अनुज कुमार को मारने की योजना बनायी. दोनों के द्वारा अपने ही पड़ोसी पारस ठाकुर से अनुज कुमार की हत्या का सुपारी देने के लिए मदद लिया गया. योजनाबद्ध एंव सुनियोजित तरीके से सिमराहा गोली कांड को अंजाम दिया गया था. मामले के गुणात्मक अनुसंधान एवं उत्तम कोटि का साक्ष्य संकलन के लिए अनुसंधानकर्ता को पुरस्कृत किया जाएगा.
मामले की जानकारी देते हुए सहरसा एसपी ने बताया 18 फरवरी को सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा चौक के समीप घटित जघन्य गोलीबारी की घटना घटित हुई थी, जिसमें 13 वर्षीय बालक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई. मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था. गठित एसआईटी सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण, तकनीकी सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलन, मानव स्रोतों से प्राप्त सूचना एवं जिला आसूचना इकाई के सहयोग से घटना में संलिप्त 8 आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. इसी क्रम में मुख्य आरोपी राजीव कुमार उर्फ बउआ ठाकुर को गिरफ्तार किया गया.
एसपी ने बताया 3 मार्च को गिरफ्तार पारस ठाकुर एवं अनुज कुमार के आवासीय स्थल के पास लम्बे समय से रास्ता का विवाद चला आ रहा है. राजीव कुमार द्वारा अनुज की हत्या का सुपारी की बात पर एवं अपना रास्ते का विवाद को स्थायी रूप से निपटाने के नियत से इन्होने अपने पड़ोसी पवन ठाकुर के साथ मिलकर हत्या की सुपारी ली. पवन ठाकुर एवं इनके परिजनों का अनुज कुमार से सिमराहा स्थित पोखर की जमीन को लेकर पूर्व से विवाद चला आ रहा है. बदला लेने की नियत से एवं राजीव ठाकुर द्वारा हत्या की सुपारी मिलने पर इन्होने अपने दो सहयोगी के साथ घटना को अंजाम देने के लिए लगभग 04 माह से वादी की गतिविधी पर नजर रख रहे थे, किन्तु वादी की हत्या का सही मौका न मिलने के कारण राजीव कुमार द्वारा वादी को भारी क्षति पहुंचाने के नियत से वादी के परिवार के किसी भी सदस्य की हत्या करने को कहा गया. पवन ठाकुर द्वारा राजीव से लगातार संपर्क में रहने के लिए एक नया मोबाईल एवं नया सिम कार्ड नवम्बर माह मे दिया गया था.
