Patna: शहर के गांधी मैदान में चल रहे एग्रो बिहार मेला के तीसरे दिन यानि शनिवार को “इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पर कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, श्रम पर निर्भरता कम करने और आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कृषि के क्षेत्र में मशीनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि आधुनिक प्रौद्योगिकियां कृषि मशीनीकरण को अधिक कुशल, टिकाऊ तथा किफायती बना रही हैं. इसी दिशा में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में उभर रहा है, जो इस मेले का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है. इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर न केवल किसानों की लागत को कम करने में सहायक है, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल भी है. इससे डीजल की खपत में कमी आती है, जिससे खेती की लागत घटती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है.

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की उपयोगिता, लागत, पर्यावरणीय लाभ तथा कृषि कार्यों में इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की. 12 मार्च से शुरू यह मेला 15 मार्च तक चलेगा. इसे कृषि विभाग ने सीआईआई के सहयोग से आयोजित किया है. इन तीन दिनों में राज्य के किसान बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं. किसानों ने मेले में बड़े एवं छोटे कृषि यत्रों की खरीददारी बड़ी मात्रा में की है. जिसपर सरकार द्वारा उन्हें अनुदान का लाभ भी दिया जा रहा है. यह मेला किसानों के लिए ज्ञानवर्द्धक एवं लाभदायक सिद्ध हो रहा है.

चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं के बीच हुआ पुरस्कार का वितरण

मेला परिसर में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन दो बैच सीनियर एवं जूनियर के बीच अलग-अलग किया गया. जिसमें सीनियर बैच हाईटेक एग्रीकल्चर, कृषि में अपशिष्ट पदार्थों का पुनर्चक्रण विषय पर एवं जूनियर बैच कृषि में महिलाओं को रोजगार, मृदा एवं जल संरक्षण विषय पर आयोजित की गई, जिसमें पटना शहर के विभिन्न विद्यालयों के कुल 74 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.

इस प्रतियोगिता में सीनियर बैच में आर्मी पब्लिक स्कूल, दानापुर कैंट की रिया को प्रथम, डॉनबास्को एकेडमी, पटना की एंजल सोनी को द्वितीय एवं डीएवी पब्लिक स्कूल, खगौल की जिया सिंह को तृतीय पुरस्कार दिया गया. जूनियर बैच में डीएवी पब्लिक स्कूल, खगौल की श्रीजा शरण को प्रथम, डॉनबास्को एकेडमी, पटना की मान्या सिंह को द्वितीय एवं पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, बेली रोड, पटना, नं॰-2 की  श्वाती कुमारी को तृतीय पुरस्कार दिया गया. विजेताओं छात्र-छात्राओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में 2500 रूपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 1500 रूपये एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में 1000 रूपये के साथ-साथ मोमेंटो तथा प्रमाण-पत्र दिया गया. साथ ही, अन्य सभी प्रतिभागी छात्र/छात्राओं को प्रतिभागी प्रमाण-पत्र दिया गया.

शनिवार को मेला में पटना, भागलपुर, बांका, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, पूर्णियां, कटिहार, अररिया एवं किशनगंज जिले के 2,395 किसानों ने भाग लिया. इस तरह शनिवार तक इस प्रदर्शनी-सह-मेला में राज्य के 25 हजार से अधिक किसान एवं आगन्तुक आ चुके हैं. इस मेले में प्रवेश निःशुल्क शुल्क है.

किसानों को दिया गया आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण

मेले की किसान पाठशाला में प्रतिभागी किसानों को कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय पदाधिकारियों ने कृषि विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया. मेले के मुख्य मंच से नुकक्ड़ नाटक द्वारा कृषि विभाग में चलाई जा रही योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया. साथ ही, संध्या में दर्शकों के मनोरंजन के लिए मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया.

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