Ranchi: पुष्पा हत्याकांड में शामिल आरोपी के साथ पिण्ड्राजोरी थाना में तैनात पुलिसकर्मी ने पार्टी किया था. पुलिस जांच में इसका खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि पुलिसकर्मी ने आरोपी को बचाने का काम किया. पैसे की लेन-देन भी किया गया. आरोपी के साथ पार्टी किया गया. मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने पुलिस की छवि आमजनों में धूमिल होने के वजह से निलंबित कर दिया है. इनमें 10 एसआई, 5 एएसआई, 2 हवलदार और 11 आरक्षी शामिल है.
पिण्ड्राजोरी थाना में तैनात पुलिस पदाधिकारी और कर्मी का मामले के उद्भेदन में नही मिल रहा था सहयोग
24 जुलाई 2025 को पिण्ड्राजोरी थाना क्षेत्र के खूंटाडीह निवासी रेखा देवी ने पुत्री कुमारी पुष्पा महतो को अज्ञात आरोपी द्वारा अपहरण किये जाने का आवेदन दिया गया. आवेदन के आधार पर पिण्ड्राजोरा थाना (काण्ड संख्या-147/25) में अज्ञात के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया. मामले के उद्भेदन के लिए एसआईटी का गठन किया गया. एसआईटी की टीम मामले के अनुसंधान के दौरान समीक्षोपरांत दिये गये निर्देशो अक्षरशः अनुपालन नहीं किया गया. अनुसंधान के दौरान अभियोजन पक्ष को कमजोर करते हुए आरोपी को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा था एवं इनका आचरण संदेहास्पद प्रतीत हुआ. इसके बाद सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. गठित टीम सिर्फ एक दिन में मामले का उद्भेदन करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपी के निशानदेही पर अपहृता के शव कंकाल की हड्डी, पहना हुआ कपड़ा एवं हत्या में प्रयुक्त चाकु को बरामद किया गया.
इससे स्पष्ट हुआ कि पिण्ड्राजोरा थाना में तैनात सभी पुलिस पदाधिकारी व कर्मी ने मामले के उद्भेदन में अपेक्षित सहयोग प्रदान नहीं किया. थाना का गोपनीयता भी बनाये नहीं रखा गया. जांच में अन्य स्त्रोत से पता चला है कि आरोपी को बचाने के उद्देश्य से लाभ पहुंचने का कार्य करना, पैसे की लेन-देन करना, आरोपी के साथ पार्टी किया गया है. जिसके कारण पुलिस की छवि आमजनों में धूमिल हुई है. उक्त आलोक में पिण्ड्राजोरा थाना में तैनात सभी पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों अर्थात् आरक्षी से लेकर थाना प्रभारी तक को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित किया गया है.
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे सवाल
बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत खूंटाडीह गांव की रहने वाली पुष्पा महतो की गुमशुदगी और हत्याकांड का खुलासा करते हुए प्रेमी दिनेश कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी के निशानदेही पर जंगल से मृतका का नरकंकाल, कपड़ों के अवशेष और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है. 21 जुलाई 2025 से लापता पुष्पा महतो का आरोपी दिनेश के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध थे. पुष्पा लगातार शादी के लिए दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर दिनेश ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची. उसने पुष्पा को चास कॉलेज बुलाने के बहाने झांसा दिया और वहां से पास के जंगल ले गया, जहां चाकू से उसका गला रेतकर हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया. लंबे समय से मामले का खुलासा न होने के वजह से यह केस झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंच गया. और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे. सीआईडी डीआईजी भी जांच के लिए पहुंची थी. एसपी के निर्देश पर सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में गठित एक नई एसआईटी तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपी दिनेश को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो महज 12 घंटे के भीतर अपना अपराध स्वीकार किया.
