Ranchi: राजधानी रांची के रातु इलाके में फायरिंग का खुलासा करते हुए पुलिस चार आऱोपी को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी में विनीत खलखो, रोहित तिग्गा उर्फ उरॉव, शिवराज उरॉव और आलोक उरॉव का नाम शामिल है. सभी आरोपी रातू थाना का रहने वाला है. आरोपी के पास से 7.65 एमएम का एक देशी पिस्टल, एक गोली, दो खोखा औऱ वैगनआर कार पुलिस ने बरामद किया है.
मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी ने बताया कि सोमवार को सूचना मिली कि रातु थाना क्षेत्र के ग्राम तिगरा स्थित केवला मोड के पास एक व्यक्ति की गोली मारकर घायल कर दिया गया. जिसका इलाज के लिए ग्राम तिगरा टोली स्थित अस्पताल ले जाया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय-2 डीएसपी के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन ‘किया गया. गठित छापामारी टीम घटना स्थल पर पहुँचकर जायजा लिया तथा अस्पताल पहुँचा. जहाँ से इलाजरत संदीप टोप्पो को रिम्स रॉची के लिए रेफर कर दिया गया. जब रिम्स स्थित इमरजेंसी वार्ड में पहुँचा तो घायल संदीप टोप्पो ने बताया कि 1 फरवरी को हमारे दोस्त आलोक के पिताजी जो आईटीबीपी में कार्यरत थे. उनके रिटायरमेंट के उपलक्ष्य में पार्टी रखा गया था. खा पी रहे थे इसी दरमयान और शराब पीने का मन किया. आलोक पैसा दिया. तथा बोला गया कि जाकर शराब ले आओ. हमलोग को ठंढ़ा लग रहा था जिस बजह से वहाँ बगल में रखे पुआल को जलाने के लिए माचिस खोजा नहीं मिलने पर वहाँ उपस्थित सभी दोस्तों के द्वारा बोला गया कि तुम्हारे पास (विनीत के पास) हथियार है उससे गोली मारकर आग लगा दो. जिस पर मेरे द्वारा अपने पास रखे पिस्टल से एक फायरिंग की गयी किन्तु आग नहीं लगी. सभी दोस्तो के द्वारा बोला गया कि चलो छोडो शराब लेकर आओ. इस पर मैं, संदीप एवं रोहित संदीप की गाड़ी बैगनआर पर सवार हुए. संदीप गाड़ी चला रहा था, बांयी ओर मैं बैठा था तथा पीछे रोहित बैठ गया और स्कूटी पर आलोक एवं शीवराज भी पीछे से आने लगे संदीप के द्वारा काफी तेजी से गाड़ी चलाया जा रहा था. तो मैने एवं रोहित ने उसे ऐसा करने से मना किया परन्तु वह नहीं माना. केवला मोड़ पहुँच कर हम दोनो ने गाड़ी रोकवा दिया. तभी पीछे से स्कूटी पर आलोक एवं शिवराज भी पहुँच गया तथा हम सभी का संदीप के साथ इस बात को लेकर बहसा बहसी होने लगा. संदीप के द्वारा बोला गया कि मैं गाड़ी अपने इच्छा से चलाउँगा, तुमलोगों को जो करना है करो. बात बढ़ते बढ़ते बहुत बढ़ गयी तब मुझे रोहित, शिवराज एवं आलोक के द्वारा बोला गया कि बहुत तेज बनता है, मार दो साले को. उनलोगों के कहने पर मेरे द्वारा उसके सिर में गोली मार दी गई. गोली लगते ही वह बांयी ओर लुढ़क गया. तब हम सभी अपने आप को बचाने के लिए विनीत का हथियार को केवला मोड़ के समीप स्थित खटाल के पिछे झाड़ी में छुपा दिये. ताकि लोगों को हमलोगों पर शक न हो। घायल संदीप को तीगड़ा स्थित अस्पताल में ईलाज के लिए ले जाने के क्रम में विनित को छोड़कर अन्य सभी दोस्त फिरार हो गया. डॉ के द्वारा जाँच करने पर संदीप को जिंदा पाते हुए बेहतर ईलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया. तत्पश्चात वहाँ पुलिस पहुँच गयी, तब मैं भी संदीप के साथ रिम्स चला गया. संदीप के रिम्स पहुँचने पर पुलिस पुछ-ताछ के लिए मुझे थाना ले आई. पुछ-ताछ के कम में मैंने अपना अपराध स्वीकार किया.
