Ranchi: रामगढ़ पुलिस अपहरण मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपी को गिरफ्तार किया है. वही अपहृत धनंजय कुमार को भी मुक्त कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी में बिहार पटना के सलीमपुर थाना क्षेत्र के अमित कुमार और रामगढ़ के मांडू थाना क्षेत्र के सांडी निवासी रविश मुण्डा का नाम शामिल है. वही बरामद अपहृत धनंजय कुमार बिहार के पूर्णिया जिले के मरंगा थाना क्षेत्र के बक्शा घाट रोड़ सिपाही टोला का रहने वाला है. पुलिस मौके पर से 9 एमएम का लोडेड पिस्टल, नशा में प्रयुक्त करने वाला छः रिडोफ इंजेक्शन, 3 सिरिज, 3 मोबाईल, 1 लैपटॉप और घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो (JH 01 FW 4543) बरामद किया गया है.
रविवार को घटना की जानकारी देते हुए रामगढ़ एसपी ने बताया कि 18 जनवरी को गुप्त सूचना प्राप्त हुआ कि रामगढ़ थाना क्षेत्र के सिद्धू कान्हू फुटबॉल ग्राउण्ड के पीछे स्थित कुलदीप साव के मकान में किसी व्यक्ति को अपहरण कर छुपा कर रखा गया है. सूचना पर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. गठित टीम कुलदीप साव के मकान की घेरा बंदी कर छापामारी किया गया तो मकान के नीचे पार्किंग में स्कार्पियों के पास खडे दोनो आरोपी में से एक पुलिस को देखते ही दौड़कर भागने लगा. हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस टीम दबोच लिया. दूसरे को मौके पर ही पकड़ा गया. इसी क्रम में कमरे की खिड़की से अपहृत पुलिस को देख कर चिल्लाते हुए आवाज लगाया कि सर मुझे बचा लिजिए हमको ये दोनों लोग इस रूम में किडनैप कर बंद किये हुए हैं, हमको जान से मार देंगें. पुलिस आरोपी से रूम का चाभी मांग कर दरवाजा को खोलकर अपहृत को कमरे से सकुशल बरामद किया. आरोपी अमित कुमार ने पुलिस को पूछने ओर बताया कि धनंजय कुमार जो हमारा दोस्त है उसे हम 2 लाख रूपया बहन को एग्जाम में पास कराने के लिए 2017 में दिये थे. हमारी बहन जब एग्जाम पास नहीं हुई तो हम पैसा धनजंय कुमार से मांगने लगे लेकिन वह मुझे पैसा नहीं लौटा रहा था. तब हम अपने सहयोगी रविश मुण्डा के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से धनंजय कुमार को रामगढ़ ठग कर बुलाया. बस स्टैण्ड रामगढ़ से अपने सहयोगी रविश मुण्डा के स्कार्पियो से अपने किराये के मकान में लाया. इसके बाद पिस्टल का भय दिखाकर धनंजय कुमार का दोनों हाथ एवं दोनों पैर को रस्सी से चौकी के पउवा में बांध दिया गया तथा मुंह पर टेप साट दिया गया ताकि हल्ला ना कर सके. धनंजय कुमार को डरा कर उसके मोबाइल का पासवार्ड खुलवा कर 50,000 रू अपने खाता में अमित ने फोन पे के माध्यम से ट्रांसफर कर लिया एवं बैग में रखा हुआ कैश को भी ले लिया. इसके बाद नशा का इंजेक्शन दिखाते हुए कहा कि चुपचाप तुम एग्रीमेंट पेपर पर साईन कर देना और 50 लाख रूपया भी देना तभी तुमको छोडेंगें नहीं तो तुम्हारा हत्या कर जंगल में लाश फेंक देंगें. इसके बाद धनंजय कुमार को एक कमरे में बाहर से बंद कर कुछ देर के लिए चले गये. इसी क्रम में धनंजय कुमार अपने हाथ को किसी तरह बंधे हुए रस्सी से निकाला गया और दोनों हाथ एवं पैर को खोलकर मुंह पर साटे हुए टेप को हटाया गया और मौका पाकर खिड़की से सड़क पर जा रहे एक युवक को आवाज दिया गया कि मुझे इस रूम में अपहरण कर बंद कर दिया गया है. आप जल्दी से पुलिस को सूचित कर दिजिए. पुलिस को सूचना मिलते ही त्वरित कारवाई करते हुए आधा घण्टे के अंदर अपहृत धनंजय कुमार को सकुशल बरामद किया गया. इस संदर्भ में रामगढ़ थाना (काण्ड सं0-20/2025) मामला दर्ज कर पुलिस दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
