Patna: बिहार पुलिस का दो लाख रुपये का इनामी मोस्टवांटेड हरेन्द्र चौधरी उर्फ बुटन चौधरी को एसटीएफ ने मुंबई के समीप से गिरफ्तार किया है. बुटन चौधरी के खिलाफ भोजपुर जिला के उदवंतनगर थाने में गंभीर अपराध से संबंधित 15 मुकदमे दर्ज हैं. इसमें हत्या, लूट, डकैती, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और रंगदारी से सम्बंधित कांड शामिल हैं. बुटन चौधरी मूल रूप से भोजपुर जिला के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर का रहने वाला है. लंबे समय से वह फरार चल रहा था और मुंबई के समीप छिप कर रह रहा था. बुटन चौधरी पंचायत समिति सदस्य की हत्या और एके- 47 रायफल की बरामदगी के बाद से फरार चल रहा था. राज्य पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार एसटीएफ की टीम ने रविवार की रात उसे महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई-विरार इलाके से गिरफ्तार किया है. वह भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव का निवासी है. उस पर 15 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं. आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसके ऊपर बिहार सरकार ने दो लाख रुपये का इनामी घोषित कर रखा था. प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार एसटीएफ की टीम उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर बिहार लाएगी. वर्तमान में दो-तीन अन्य कांडों में भी बिहार पुलिस को उसकी तलाश थी. कोर्ट से उसके खिलाफ गिरफ्तारी के कई वारंट भी जारी हैं.

घर पर छापेमारी में मिला था एके-47, 43 गोली एवं दो हैंड ग्रेनेड

भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव में विगत छह-सात अप्रैल की रात पटना एसटीएफ और जिला पुलिस ने टीम ने संयुक्त रूप से कुख्यात इनामी बुटन चौधरी के घर छापेमारी कर एक एके-47 रायफल के अलावा चार मैग्जीन, 43 कारतूस एवं दो हैंड ग्रेनेड बरामद करने में सफलता हासिल की थी. हालांकि, तब दो लाख का इनामी बुटन चौधरी पुलिस के हाथ नहीं लग सका था. लेकिन, पुलिस ने उसके भाई उपेन्द्र चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. उसके भाई की पत्नी उर्मिला देवी बेलाउर पंचायत की मुखिया है. प्रतिबंधित हथियार बरामदगी मामले में वांटेड बुटन चौधरी के अलावा उसके भाई उपेन्द्र चौधरी को भी नामजद किया गया था. नौ साल पूर्व भी कुख्यात बुटन चौधरी समेत पांच बदमाशों को एके-47 समेत अन्य हथियारों के साथ पकड़ा गया था. इनामी हिस्ट्रीशीटर बुटन चौधरी बीडीसी सदस्य दीपक साह की हत्या समेत अन्य कांडों में भी फरार चल रहा था. बता दें कि 28 अप्रैल, 2023 को बेलाउर गांव निवासी पूर्व पंचायत समिति सदस्य सह मिठाई दुकानदार दीपक साह की चुनावी रंजिश को लेकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसे घर से बुलाकर गोली मारी गई थी. जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. इस हत्या का आरोप भी बुटन चौधरी गिरोह पर लगा था.

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