Patna: नालंदा जिला निबंधन कार्यालय के तत्कालीन निम्नवर्गीय लिपिक जितेंद्र कुमार सिन्हा को रिश्वत लेने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. निगरानी ब्यूरो की टीम ने 21 जुलाई 2017 को सिन्हा को 15,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. यह राशि पटना के गर्दनीबाग निवासी राकेश कुमार से जमीन रजिस्ट्री के एवज में ली गई थी. इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए सिन्हा को उसी दिन निलंबित कर दिया गया था. जमानत पर रिहा होने के बाद आपराधिक मामले के चलते उन्हें दोबारा निलंबित किया गया.
विभागीय जांच में पाया गया कि सिन्हा ने रिश्वत की राशि गिनकर ली और इसे तत्कालीन जिला अवर निबंधक नीरज कुमार को सौंपा. जांच में नीरज कुमार के खिलाफ आरोप सही पाए जाने पर उन्हें भी पहले सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है.
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: महानिरीक्षक निबंधन
आबकारी आयुक्त सह महानिरीक्षक निबंधन रजनीश कुमार सिंह ने कहा “भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
