Patna: बिहार में ग्रामीण इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना (जीटीएसएनवाई) के तहत वर्ष 2025-26 की प्रगति दर्शाने वाली नई उपलब्धियां सामने आई हैं. इस योजना के तहत अबतक 4618 बसावटों में 3968.11 किलोमीटर की सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है.
राज्य के 38 जिलों में योजना को तीव्र गति से लागू किया जा रहा है. निर्माण कार्य की प्रगति पर नजर डालें तो सबसे अधिक 406.37 किमी सड़कों का निर्माण सुपौल जिले में हुआ है. इसके अतिरिक्त किशनगंज में 322.85 किमी, पूर्वी चंपारण में 240.62 किमी, सीवान में 235.78 किमी, पश्चिम चंपारण में 222.16 किमी, अररिया में 207.14 किमी, कटिहार में 193.98 किमी, गया में 191.81 किमी, सारण में 187.09 किमी और वैशाली में 170.30 किमी सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया गया है.
29 जिलों में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण
सघन निरीक्षण और निगरानी के कारण कई जिलों में शत-प्रतिशत कार्य गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप पूरे कर लिए गए हैं. इनमें अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, गोपालगंज, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, शेखपुरा, शिवहर, सीवान और पश्चिम चंपारण के संपर्क विहीन बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ दिया गया है. वहीं, नवीनतम जानकारी के अनुसार 9.19 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है. इस योजना के तहत गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया है.
ग्रामीण कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि : मंत्री
ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि ग्रामीण कनेक्टिविटी के क्षेत्र में यह एक बड़ी उपलब्धि है. हमारा लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी बसावट संपर्कविहीन न रहे. ये राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और विभाग के परिश्रम का प्रमाण है. हमने हर सड़क निर्माण में गुणवत्ता के उच्चतम मानकों का पालन किया है. आने वाले दिनों में शेष बची बसावटों को भी जोड़ने का कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा. राज्य सरकार का पूरा फोकस ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ कर आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने पर है.
