Ranchi: कोडरमा जिले के जयनगर-मरकच्चो मुख्य मार्ग पर चार पिकअप में लोड 34 गौवंशीय पशु पुलिस जप्त किया है. वही 11 आरोपी को भी पुलिस गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी आरोपी में बिहार के अरवल जिले के किंजर थाना क्षेत्र के हरेन्द्र कुमार, विरेन्द्र कुमार, रिंकू कुरैसी, शुभम कुमार, गया जिले के बेला थाना क्षेत्र के मिथुन कुमार, गुड्डू कुरैसी, विजेंदर यादव, रोहतास जिले के विक्रमगंज थाना क्षेत्र के मकसूद खान, भोजपुर जिले के तिअर थाना क्षेत्र के मनोज यादव और आरा जिले के बिहियां थाना क्षेत्र के ब्रजेश यादव का नाम शामिल है. पुलिस मौके पर से 4 पिकअप (BR25GA5041, BR56G3859, BR56G3536 एवं JH09AZ7416), 34 गौवंशिय पशु बरामद किया है. पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर जयनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम वाहन जाँच के क्रम में जयनगर-मरकच्चो मुख्य मार्ग पर कोडरमा के तरफ से आ रहे 4 पिकअप गाड़ी को पिपचो चौक के पास रोक कर जाँच के दौरान पकड़ा. इस संबंध में जयनगर थाना (कांड संख्या-203/24) में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

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राज्य के 115 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज, 449 का हुआ लाइसेंस रद्द – कालाबाजारी पर कृषि विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति, राज्य में नहीं है उर्वरकों की कोई कमी : राम कृपाल यादव – मंत्री ने कहा कि अंतराष्ट्रीय सीमाओं पर हो रही कड़ी निगरानी पटना, 20 मार्च। कृषि विभाग उर्वरक कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक विभाग ने अनियमितताओं के विरुद्ध 115 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की है, साथ ही, 449 उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए हैं। उर्वरक की कालाबाजारी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए विभाग ने मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित किया है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगातार छापेमारी हो रही है। ये जानकारी राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री को रोकने के लिए पूरी तरह सख्त एवं सतर्क है। राज्य के किसी भी जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में यूरिया के 2.45 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.46 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.05 लाख मीट्रिक टन, एमओपी: 0.41 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 1.03 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंडवार आवश्यकता और आच्छादन के अनुसार उर्वरक का उप-आवंटन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी क्षेत्र में कमी की स्थिति उत्पन्न न हो। उर्वरक प्रतिष्ठानों के पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक का नियमित सत्यापन किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में जांच दल गठित कर नियमित छापेमारी एवं निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में छापेमारी तेज करने तथा सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित कर उर्वरक तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने को कहा गया है।