Patna: बिहार में सरकारी नौकरी में सूबे की महिलाओं को एक बड़ी सहूलियत दी गई है. यहां की सरकारी नौकरियों में सभी वर्ग की महिलाओं को मिलने वाला 35 फीसदी क्षैतिज आरक्षण का लाभ अब सिर्फ बिहार मूल की निवासी महिलाओं को ही दिया जाएगा. यानी बिहार के बाहर दूसरे किसी राज्य की महिलाओं को नौकरियों में इस आरक्षण व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा. राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस निर्णय के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी.
गौरतलब है कि बिहार में महिलाओं की आबादी आधी के करीब है. इससे पहले बिहार की सरकारी नौकरियों में महिलाओं की बहाली बड़ी संख्या में होती थी. इसमें यूपी, हरियाणा, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों की महिलाएं भी काफी संख्या में आ जाती थी. इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने सूबे की महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने के लिए यह पहल की है.
बिहार सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में डोमिसाइल नीति लागू कर दी गई है. अब तक इस आरक्षण का लाभ अन्य राज्यों की महिलाओं को भी मिलता था, लेकिन अब यह सुविधा सिर्फ उन महिलाओं को मिलेगा. जो बिहार की स्थायी निवासी होंगी. सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है. अन्य राज्य की महिलाएं सामान्य कोटे में आवेदन कर सकेगी. इस फैसले से राज्य की महिलाएं अब अपना प्रतिनिधित्व और बेहतर ढंग से कर सकेगी.

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