Patna: भोजपुर पुलिस और बिहार एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरा नवादा थाना क्षेत्र में सेवानिवृत्तर्मी रामकुमार सिंह की हत्या के मामले का सफल उद्भेदन कर लिया है. पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में चार नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी में भोजपुर जिले के आरा नगर थाना क्षेत्र के बड़की सींधी के रहने वाले चंदन सिंह बिन्द टोली के रहने वाले अभिषेक कुमार और आरा नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा हाउसिंग के रहने वाले टीपू कुमार का नाम शामिल है. आरोपी के निशानदेही पर 01 पिस्तौल, 02 जिन्दा गोली, 01 मैगजीन और 04 पहिया वाहन पुलिस ने बरामद किया है. एक आरोपी को घटना के तत्काल पश्चात भोजपुर जिले से ही गिरफ्तार कर लिया गया. इसके अतिरिक्त, अंतर-राज्यीय स्तर पर की गई छापेमारी के फलस्वरूप आरोपी चंदन सिंह एवं अभिषेक को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया. इसके साथ ही, आरोपी टीपू को नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपी चंदन सिंह का पूर्व का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिस पर आरा नगर और मुफस्सिल थाना में कई मामले दर्ज हैं.
जमीन के विवाद में रची गई थी खौफनाक साजिश
जानकारी के मुताबिक 15 अक्टूबर को प्रातः लगभग 06:00 बजे, जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के समीप अज्ञात अपराधियों द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारी रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के संबंध में आरा नवादा थाना को लिखित आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसके आधार पर कांड संख्या- 784/26 दर्ज किया गया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर एसपी के निर्देशानुसार एसडीपीओ (आरा सदर-01) के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया था. SIT, बिहार STF एवं DIU टीम द्वारा संकलित तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त हत्याकांड का मुख्य कारण पूर्व से चला आ रहा भूमि-विवाद है.
विवादास्पद भूमि मौजा- सींधी (थाना नं.- 245, खाता नं.- 88, खेसरा नं.- 69) से संबंधित है, जिस पर मृतक रामकुमार सिंह का वर्ष 2006 से लगातार शांतिपूर्ण कब्जा और आधिपत्य चला आ रहा था. साथ ही, वर्ष 2020 में उनके द्वारा उक्त भूमि पर पक्की बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया था. प्रतिपक्षी एवं आपराधिक तत्वों द्वारा सुनियोजित तरीके से वर्ष 2025 में उक्त भूमि का पावर ऑफ अटॉर्नी प्राप्त कर अन्य व्यक्तियों के पक्ष में अवैध रूप से रजिस्ट्री निष्पादित करा ली गई थी, जबकि उन्हें यह अच्छी तरह ज्ञात था कि उस भूमि पर मृतक का वैध कब्जा और म्यूटेशन कायम है.
