Patna: साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) ने ऑनलाइन साइबर हैकाथॉन-2026 की शुरुआत की है. डीजी, अभियान ने सोमवार को इसका उद्घाटन किया. इस पहल के तहत तकनीकी प्रतिभाओं को साइबर अपराध से जुड़ी चुनौतियों के समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा.

26 अक्टूबर तक होगा पंजीकरण

साइबर हैकाथॉन के लिए वेबसाइट cyberhackathon.bihar.gov.in शुरू की गई है. प्रतिभागी 26 अक्टूबर 2026 तक पंजीकरण करा सकेंगे. विकसित समाधान जमा करने की अंतिम तिथि 20 नवंबर निर्धारित की गई है. इसके बाद सी-डैक और आईआईटी के विशेषज्ञ विकसित समाधानों की स्क्रीनिंग करेंगे. विजेताओं की घोषणा 28 नवंबर 2026 को की जाएगी। इस प्रतियोगिता में कॉलेज के विद्यार्थी भाग लेंगे.

पांच प्रमुख चुनौतियों पर तैयार होंगे तकनीकी समाधान

हैकाथॉन में साइबर अपराध एवं सुरक्षा से जुड़ी पांच प्रमुख समस्याओं को शामिल किया गया है. इनमें संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की पहचान और वित्तीय धोखाधड़ी की जांच के लिए प्लेटफॉर्म, एआई आधारित एंड्रॉयड एप्लिकेशन सुरक्षा एवं फॉरेंसिक विश्लेषण, सोशल मीडिया पर समन्वित दुष्प्रचार की पहचान, जन शिकायतों के विश्लेषण एवं समाधान की निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों की प्रामाणिकता तथा अखंडता की पुष्टि करने वाले प्लेटफॉर्म शामिल हैं. इन चुनौतियों के समाधान के लिए प्रतिभागियों को नवीन तकनीकी विचार, आधुनिक डिजिटल उपाय और नवाचार आधारित दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा.

विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार

ऑनलाइन साइबर हैकाथॉन में प्रथम पुरस्कार के रूप में 1.50 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं. इस पहल का उद्देश्य तकनीकी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में शोध, रचनात्मक सोच और प्रभावी समाधान विकसित करने को बढ़ावा देना है.

साइबर अपराध से निपटने में मिलेगी मदद

बिहार पुलिस के अनुसार, इस पहल से साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी. साथ ही, युवा तकनीकी विशेषज्ञों को वास्तविक चुनौतियों पर काम करने तथा अपने नवाचारों को उपयोगी समाधान में बदलने का अवसर मिलेगा. कार्यक्रम में साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार के आईजी रंजीत कुमार मिश्रा, डीआईजी अवकाश कुमार, एसपी (साइबर) चन्द्र प्रकाश और सी-डैक, पटना के निदेशक अभिनव दीक्षित सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए.

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