Patna: बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. राज्य के किसी भी जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि प्रत्येक किसान को उसकी आवश्यकता के अनुसार सही समय पर उर्वरक उपलब्ध हो तथा उसे किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. मंत्री ने बताया कि 20 जुलाई, 2026 की स्थिति के अनुसार राज्य में 4.55 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.38 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.54 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.69 लाख मीट्रिक टन एमओपी तथा 1.29 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रखंडवार उर्वरकों का उप-आवंटन स्थानीय आवश्यकता एवं फसल आच्छादन के अनुरूप किया जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम अभाव की स्थिति उत्पन्न न हो. साथ ही किसानों को आवश्यकता के अनुरूप संतुलित एवं वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों के उपयोग के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूक किया जाए.

कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

उन्होंने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे मामलों में राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20 जुलाई, 2026 तक अनियमितता के विरुद्ध 44 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा 265 प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं.  कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी उर्वरक प्रतिष्ठानों पर पॉस मशीन में प्रदर्शित उर्वरक की मात्रा एवं भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक का नियमित सत्यापन किया जाए. यदि कहीं भी गड़बड़ी अथवा अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

मुख्यालय का उड़नदस्ता दल और जिलों के जांच दल लगातार कर रही है छापेमारी

उन्होंने कहा कि मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल उर्वरक एवं बीज से संबंधित प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगातार निरीक्षण एवं छापेमारी कर रहा है. इसके अतिरिक्त जिलों में भी कृषि विभाग के जांच दल नियमित रूप से उर्वरक एवं बीज प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रहे हैं. मुख्यालय स्तर से कृषि निदेशक एवं विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी समय-समय पर जिलों का भ्रमण कर उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा निरीक्षण अभियान की समीक्षा करेंगे. साथ ही, श्री सिन्हा ने किसानों से संतुलित एवं आवश्यकता-आधारित उर्वरक उपयोग की अपील करते हुए कहा कि वैज्ञानिक खेती ही उत्पादन बढ़ाने तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है. विभाग द्वारा इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि किसान आवश्यकतानुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें और अनावश्यक खर्च से भी बच सकें.

उन्होंने कहा कि किसानों को यह भी जानना चाहिए कि एक बैग यूरिया की कुल लागत लगभग 2,232 रुपये है, जबकि सरकार लगभग 1,966 रुपये प्रति बैग सब्सिडी वहन कर रही है. इसी कारण किसानों को यूरिया मात्र 266.50 रुपये प्रति बैग की निर्धारित दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है. इसलिए किसान निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत विभाग को दें. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसान हेल्पलाइन एवं कंट्रोल रूम में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही, शिकायत दर्ज कराने वाले किसानों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए, ताकि वे बिना किसी भय या दबाव के उर्वरक एवं बीज से संबंधित अनियमितताओं की सूचना विभाग को दे सकें.

कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि इनपुट, उर्वरक एवं बीज से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. किसान हेल्पलाइन नंबर 0612-22335555 तथा व्हाट्सएप नंबर 7766085888 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


You missed