Patna: तीन लाख के इनामी नक्सली ने मुंगेर में पुलिस के समक्ष बुधवार को हथियार डाल दिया. स्पेशल एरिया कमांडर सुरेश कोड़ा मुंगेर पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में एके-47, एके-56, इंसास समेत 505 गोली के साथ रेंज के डीआइजी राकेश कुमार, एसटीएफ डीआइजी संजय कुमार सिंह व डीएम निखिल धनराज के सामने हथियार डाला दिया. मुंगेर जिले के ल़डैयाटांड थाना क्षेत्र के पैसरा निवासी सुरेश कोडा पर मुंगेर, जमुई, लखीसराय जिले के विभिन्न थानों में हत्या, फिरौती के लिए अपहरण, लेवी वसूली के 60 से अधिक मामले दर्ज हैं.
मुंगेर पुलिस एवं एसटीएफ के सतत् अभियान, निरंतर छापामारी एवं दबिश के कारण व सरकार के आत्मसमर्पण सह पुनर्वासन नीति के तहत मिलने वाले लाभों से प्रभावित होकर एवं सक्रिय जनसहयोग के कारण सुरेश कोड़ा ने सरेंडर किया है. करीब 25 वर्षों से फरार नक्सली वर्ष 2008 से 2022 तक हत्या, अपहरण, रंगदारी, पुलिस बलों पर हमला, आईईडी विस्फोट, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुँचाने एवं अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहा है.
नक्सल मुक्त मुंगेर, कोई दस्ता सक्रिय नही
मुंगेर जिला विशेषकर मुंगेर का पहाड़ी एवं दुर्गम क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित रहा है. मुंगेर पुलिस द्वारा सक्रिय रूप से बेहद ही पेशेवर तरीके से विशेष कार्य बल एवं अर्द्धसैनिक बलों के साथ सामंजस्य स्थापित कर के नक्सल गतिविधियों के विरूद्ध नक्सलरोधी अभियान का संचालन किया जाता रहा है, फलस्वरूप 28 दिसम्बर 2025 को भी तीन नक्सल कमाण्डरों बहादुर कोडा, नारायण कोड़ा व विनोद कोड़ा उर्फ बिनो कोड़ा द्वारा सरेंडर किया जा चुका है, जिसमें नारायण कोड़ा एवं बहादुर कोड़ा के द्वारा अपने साथ 2 इन्सास रायफल, 4 SLR रायफल, लगभग 500 गोली एवं 10 वॉकी-टॉकी भी समर्पित किया गया था. 27 जुलाई 2025 को भी एक अतिसक्रिय नक्सली दस्ता के सदस्य भोला कोड़ा उर्फ विकास उर्फ रोहित कोड़ा द्वारा मुंगेर एसपी के समक्ष सरेंडर किया गया था.
मुंगेर जिला में निरंतर चलने वाले नक्सलरोधी अभियान से प्रभावित नक्सली दस्ता द्वारा क्षेत्र परित्यक्त कर अन्यत्र आश्रय लिया जा रहा हैं. जिसके परिणामतः झारखण्ड राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नक्सलियों के साथ मुठभेड में प्रवेश दा उर्फ सहदेव सोरेन, अरविन्द यादव उर्फ आलोक जी उर्फ नेताजी एवं टुनीलाल उर्फ टुनटुन एवं अन्य नक्सलियों को ढेर किया गया. 5 जुलाई 2025 को मुंगेर के हवेली खड़गपुर स्थित राजासराय में पुलिस बल के साथ सुरेश कोड़ा दस्ता के साथ हुए मुठभेड़ से इनकी स्थिति कमजोर पड़ती गई. जिसके फलस्वरूप इस दस्ता के अन्य साथी रावण कोड़ा, भोला कोड़ा, नारायण कोड़ा, बहादुर कोड़ा आदि पूर्व में ही सरेंडर कर चुके है एवं इसी कड़ी में बुधवार को सुरेश कोड़ा ने सरेंडर किया.
