Saharsa: उमेश मिस्त्री हत्याकांड का सफल उद्भेदन करते हुए सहरसा के सोनवर्षा थाना पुलिस ने शूटर समेत दो आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अपराधी में पतरघट थाना क्षेत्र के करियत वार्ड नं-12 के रहने वाले शूटर मनीष कुमार उर्फ मनीष यादव और सोनवर्षा थाना क्षेत्र के तमकुलहा टोला मनखाहा निवासी मृतक का पुत्र सचित मिस्त्री का नाम शामिल है. आरोपी के निशानदेही पर एक देशी कट्टा, दो गोली, बाईक और मोबाईल पुलिस ने बरामद किया है. बड़े बेटे सचित मिस्त्री ने लाईनर का काम किया था. जेल में बंद मंझले मनीष मिस्त्री बेटे ने हत्या की सुपारी दिया था. जेल से निकलते ही शूटर मनीष यादव ने योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया.
मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ ने बताया कि सोनवर्षाराज थाना क्षेत्र के मनखाहा टोला वार्ड नं०-09 में 11 दिसंबर 2025 की रात को उमेश मिस्त्री का अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दिया था. इस संबंध में मृतक के पुत्र के लिखित आवेदन के आधार पर सोनवर्षाराज थाना (कांड सं0-246/2025) में मामला दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सहरसा एसपी के निर्देश पर मामले के उद्भेदन के लिए सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया. गठित टीम तकनीकी साक्ष्य, भौतिक साक्ष्य एवं प्राप्त मानवीय आसूचना के आधार पर छापामारी कर मामले का सफल उदभेदन किया. अनुसंधान के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आया कि जेल में बंद मृतक के पुत्र मनीष मिस्त्री ने पिता की हत्या के लिए शूटर मनीष यादव को 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी. षड्यंत्र के तहत मनीष यादव ने अपने एक अन्य सहयोगी शूटर के साथ मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया. इसके अतिरिक्त मृतक के बड़े पुत्र सचित मिस्त्री की भी इस हत्या में संलिप्तता पाई गई, जिनकी गिरफ्तारी के पश्चात पूछ-ताछ के दौरान अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. मनीष यादव की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बाईक, 1 देशी कट्टा, 2 गोली एवं एक मोबाईल बरामद किया गया. हथियार बरामदगी को लेकर अलग से पतरघट थाना (कांड सं0-27/26) में मामला दर्ज किया गया है. अन्य फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी हैं. मनीष कुमार उर्फ मनीष यादव अपराधिक इतिहास रहा है. आरोपी के विरुद्ध आधा दर्जन मामला सौरबाजार, नवहट्टा और बेगुसराय के साहेबपुर कमाल थाना में दर्ज है.
