Patna: बिहार के सीमावर्ती इलाकों में शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सघन वाहन चेकिंग अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पिछले सात महीनों (जनवरी-जुलाई) में झारखंड, यूपी और बंगाल की सीमाओं पर 6,531 लीटर शराब जब्त की गई है. इसमें सबसे अधिक 4,467 लीटर शराब यूपी, 1,949 लीटर झारखंड और 115 लीटर बंगाल की सीमा से पकड़ी गई. इस दौरान 123 तस्करों के खिलाफ केस दर्ज किए गए, जबकि 45 को गिरफ्तार किया गया है.

98 प्रतिशत शराब नष्ट

शराबबंदी लागू होने के बाद पूरे राज्य में 4,09,10,714 लीटर शराब की जब्ती की गई, जिसमें से 98 प्रतिशत शराब नष्ट की जा चुकी है. साथ ही, 1,48,432 वाहनों को शराब तस्करी के आरोप में जब्त किया गया, जिनमें से 96,060 वाहनों को नीलाम या जुर्माना लेकर मुक्त किया गया है.

ड्रोन व मोटरबोट से सघन कार्रवाई

शराब तस्करी पर निगरानी के लिए ड्रोन और मोटरबोट का उपयोग भी बढ़ाया गया है. आकंड़ों के अनुसार जुलाई 2025 तक ड्रोन से 21,331 छापेमारी की गई, जिनमें 1,589 केस दर्ज हुए और 7,31,461 लीटर शराब जब्त की गई. वहीं, मोटरबोट से 11,088 छापेमारी में 374 केस दर्ज किए गए और 1,76,684 लीटर शराब बरमाद हुई.

चेकपोस्ट पर 22,500 शराब तस्कर गिरफ्तार

राज्य के 38 जिलों में चेकपोस्ट पर वाहन जांच के दौरान 22,500 लोग गिरफ्तार किए गए. इनमें 16,211 शराब का सेवन करने के आरोपी और 6,395 शराब विक्रेता शामिल हैं. इस दौरान 2,374 वाहन भी जब्त किए गए. जनवरी से जुलाई तक औरंगाबाद, बेगूसराय, भोजपुर, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, रोहतास, समस्तीपुर और वैशाली जिलों में 43 अवैध शराब फैक्ट्रियां पकड़ी गईं, जिनमें 61 अभियुक्त गिरफ्तार हुए.

शराब माफियाओं पर सख्ती

अवैध शराब के कारोबार में शामिल कुल 71 शराब माफियाओं पर सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है. साथ ही, शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली 18338.85 लीटर स्प्रिट को 12 जिलों से जब्त किया गया, जिसमें 59 केस दर्ज हुए और 51 लोग गिरफ्तार किए गए. इस दौरान 19 वाहन भी जब्त हुए है.

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