Ranchi: झारखण्ड राज्य में वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन के लिए विशेष बल झारखण्ड जगुआर (एसटीएफ) का गठन वर्ष 2008 में किया गया. शुक्रवार को टेंडर ग्राम स्थित झारखण्ड जगुआर प्रांगण में 17 वां स्थापना दिवस पूरे हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ मनाया गया. इस अवसर पर मुख्य अथिति के तौर पर डीजीपी अनुराग गुप्ता ने भव्य परेड की सलामी ली. साथ ही इस अवसर पर झारखण्ड जगुआर के कमांडो दस्ते द्वारा नक्सलियों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई का प्रदर्शन भी किया गया. राज्य में शांति और उन्नति का माहौल बनाए रखने में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीद जवानों को डीजीपी ने अपनी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. डीजीपी ने अपने संबोधन में झारखण्ड जगुआर के द्वारा राज्य में उग्रवाद उन्मुलन के लिये उग्रवादियों संगठनों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई की सराहना की. राज्य में कार्यरत अर्द्ध सैनिक बलों के साथ मिलकर इस बल ने अत्यंत दुर्गम एवं संवेदनशील बूढ़ा पहाड़ के क्षेत्र, Tri Junction एवं अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने में अपना अप्रतिम योगदान दिया है. नक्सलियों की संख्या एवं नक्सल हिंसा में जो कमी आई है, वह झारखण्ड जगुआर के उच्च नेतृत्व व उत्कृष्ट प्रशिक्षण का परिचायक है. आज झारखण्ड जगुआर राज्य में उग्रवादी गतिविधियों में शामिल सभी संगठनों का मुंहतोड़ जवाब देने और उन्हें जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह तत्पर है.
झारखण्ड जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे ने अपने संबोधन में झारखण्ड जगुआर के विगत 17 वर्षों में उग्रवाद उन्मूलन की दिशा में उपलब्धियों को साझा किया है. चाहे पारसनाथ की ऊंची पहाड़ियां हो या सारंडा के घने जंगल, चाहे बूढ़ा पहाड़ का दुरूह इलाका हो अथवा पारसनाथ पहाड़ का दुर्गम क्षेत्र, झारखण्ड जगुआर ने अपनी शौर्यपूर्ण उपस्थिति सभी जगह दर्ज कराई है. पिछले 17 वर्षों में इस बल नें अनेकानेक अभियानों में सफलताएँ पाई है जिसमें झारखण्ड जगुआर के विभिन्न वर्गों द्वारा 297 नक्सलियों की गिरफ्तारी की गई है और विभिन्न अभियानों के दौरान 34 दुर्दान्त उग्रवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया है. झारखण्ड जगुआर के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अब तक 2 अत्ति उत्कृष्ट सेवा पदक, 7 उत्कृष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा के लिए 56 पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए 2 राष्ट्रपति पुलिस पदक, वीरता के लिए 17 राष्ट्रपति पुलिस पदक, 54 आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक, वीरता के लिए 76 झारखण्ड मुख्यमंत्री पदक, सराहनीय सेवा के लिए 63 झारखण्ड पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए 3 झारखण्ड राज्यपाल पदक तथा 4 केन्द्रीय गृहमंत्री विशिष्ट ऑपरेशन पदक से सम्मानित किया जा चुका है. आज झारखण्ड जगुआर राज्य में उग्रवादी गतिविधियों में शामिल सभी संगठनों का मुंहतोड़ जवाब देने और उन्हें जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह तत्पर है. झारखण्ड राज्य को देश में एक उग्रवाद राज्य मुक्त बनाने की दिशा में झारखण्ड जगुआर अहम भूमिका निभा रही है.

शहीद के परिजनों को सम्मान, रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन

स्थापना दिवस के इस अवसर पर झारखण्ड जगुआर के 23 शहीद पुलिस पदाधिकारी, कर्मियों के शहादत को नमन करते हुए उनके गृह जिला जाकर उनके परिवारों को सम्मानित किया गया. साथ ही इस अवसर पर झारखण्ड जगुआर मुख्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर में पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया.

“जीत ही लक्ष्य” आदर्श वाक्य

राज्य से उग्रवादी संगठनों का सफाया सुनिश्चित करने के लिए झारखण्ड जगुआर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. झारखण्ड पुलिस और झारखण्ड जगुआर के प्रयास से राज्य में नक्सली घटनाओं में काफी कमी आई है. इस प्रकार झारखण्ड जगुआर निरंतर अपनी कर्तव्यपरायणता का प्रदर्शन करते हुए अपने आदर्श वाक्य *”जीत ही लक्ष्य”* को चरितार्थ कर रही.
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीजीपी अनुराग गुप्ता के अतिरिक्त विशिष्ट अतिथि के तौर पर डीजी एम एस भाटिया, एडीजी अभियान डॉ संजय आनन्दराव लाठकर, एडीजी प्रशिक्षण व आधुनिकीकरण सुमन गुप्ता, जैप एडीजी प्रिया दुबे पुलिस मुख्यालय एवं राँची में पदस्थापित वरीय पुलिस पदाधिकारी, राज्य, केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों के वर्तमान कार्यरत एवं सेवानिवृत वरीय पुलिस पदाधिकारी सहित पुलिस परिवार के अन्य सदस्य की उपस्थिति रही.

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