Ranchi: कोडरमा के गडियाही बिरहोर टोला के लापता 10 बच्चे को बिहार के गया से पुलिस ने बरामद कर लिया गया है. बरामद बच्चों में 7 वर्षीय निशा कुमारी, 5 वर्षीय रमेश बिरहोर दोनों पिता-राजेश विरहोर, 9 वर्षीय सजनी कुमारी, पिता-कैला बिरहोर, 7 वर्षीय निशा कुमारी, 6 वर्षीय सत्यम बिरहोर, पिता-नन्हकु बिरहोर, 14 वर्षीय शिवानी कुमारी, 11 वर्षीय विरजू बिरहोर, 9 वर्षीय मिथुन बिरहोर, कल्पना कुमारी, चारो पिता-दनकु बिरहोर एवं 6 वर्षीय रेखा कुमारी का नाम शामिल है. सभी जयनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले है. परसाबाद में श्राद्धक्रर्म से लौटने के दौरान ट्रेन में चढ़ गए, लेकिन गंतव्य तक नही उतरकर आगे चले गए.
मामले की जानकारी देते हुए कोडरमा एसपी ने बताया कि 6 फरवरी को राजेश बिरहोर एवं अन्य के द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन थाना प्रभारी जयनगर थाना दिया गया. कि इनके बच्चे 31 जनवरी को समय करीब 4 बजे शाम को गांव के बच्चे, बुढ़े एवं जवान करीब 70 लोगो के साथ परसाबाद में मुन्ना मोदी के पिता के श्राद्धक्रर्म में गये थे. श्राद्धक्रर्म में गये लोगों में व्यस्क लोग अपने घर वापस आ गये परन्तु उक्त बच्चे वहाँ से अपना घर वापस नही लौटे. इस संदर्भ में जयनगर थाना (कांड संख्या-17/26) में मामला दर्ज किया गया. इतने बड़े पैमाने पर एक साथ दस आदिम जनजाति के बच्चों के गायब होने की बात को चुनौती के रूप में लेते हुए बच्चो के सकुशल बरादगी के लिए एसपी के नेतृत्व में आठ अलग-अलग विशेष टीम का गठन किया गया है. जिसमें तीन डीएसपी, तीन पुलिस निरीक्षक एवं आठ एसआई स्तर के पदाधिकारियों, कई थानो के शसस्त्र बल तथा तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियों को सम्मिलित किया गया है. सभी बच्चों को 24 घंटे के अन्दर बरामद किया गया.
बच्चो के सकुशल बरामदगी दौरान मानवीय एवं तकनीकी आसूचना संकलन करना प्रारंभ किया गया. इस क्रम में गठित टीमों के द्वारा बिहार के गया से आसनसोल तथा रांची तक के सभी रेलवे स्टेशन एवं आस-पास के दुकान मेला इत्यादि स्थानों में भौतिक रूप से जाकर सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया तथा बच्चों की बरामदगी के लिए सघनता से रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, टैम्पु स्टैण्ड, हाट बाजार, होटल, ढाबा सहित अन्य आवश्यक संभावित स्थलों पर खोजबीन किया गया. मिडिया तथा सोशल मिडिया के माध्यम से उक्त बच्चो का सूचना देने के लिए प्रचार-प्रसार किया गया है. साथ ही आस-पास के थाना में लापता बच्चों का पता करने के लिए फोटो उपलब्ध कराते हुए मामले के उद्भेदन के लिए अनुरोध किया गया.
पूरे अभियान के दौरान आईजी सुनील भास्कर के द्वारा एसपी को लगातार मार्गदर्शन प्राप्त होते रहा. बच्चों के खोजबीन के क्रम में गठित विशेष टीम के द्वारा सभी राज्यों के सीडब्लूसी, एनजीओ तथा जीआरपी, आरपीएफ से लगातार सम्पर्क स्थापित किया जा रहा था. कोडरमा एसपी स्वयं सभी टीमो का नेतृत्व कर रहे थे तथा क्षेत्र में बच्चे के खोजबीन के लिए भ्रमणशील थे. इसी क्रम में जो टीम विभिन्न राज्य के सीडब्लूसी, जीआरपी, आरपीएफ से संपर्क कर रही थी, उसे सूचना मिली की कुछ बच्चे गया में मिले है. सूचना पर मुख्यालय डीएसपी एवं टीम के साथ गया बाल गृह में जाकर चाईल वेलफेयर कमिटि से मिले तो पता चला कि 2 फरवरी को 10 बच्चे मुफ्फसिल एवं परैया थाना में मिला है. जिसे सुरक्षार्थ सीडब्लूसी के आदेश के आलोक में रखा गया है. बच्चो की पहचान अपने अभिभावको से कराई गयी एवं उन्हें सकुशल कोडरमा लाया गया. न्यायालय में उपस्थापित कराकर बच्चों को उनके माता पिता को सौंपा जायेगा.
